Friday, September 4, 2009

सोचता हूँ ......

अब कोई रिश्ता हमारे दरमियाँ बाक़ी नहीं है
मैं यहाँ रोया करूंगा वो वहां रोया करेगा

मेरी यादों ही ने उसको कोनसी तिस्कीन दी है
सोचता हूँ वो मुझे अब भूल कर भी क्या करेगा

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