URDU POETRY
मां ...
जैसी बच्चों को मां से आती है
अब वो खुशबू कहाँ से आती है
हो के हेराँ ज़मीं को मत देखो
रौशनी आसमां से आती है
कोई बच्चा यहाँ नहीं आता
फिर ये मिट्टी कहाँ से आती है