Friday, August 28, 2009

बचपन....

कैसे कह दूँ सारा चेहरा रोशन था
मेरी आंखों पर तो उनका दामन था

मैं समझा शायद मजबूरी आई हो
दरवाज़ा खोला तो मेरा बचपन था

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